हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में 8140 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में 54 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी – शामिल होंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं को पारदर्शी, सुरक्षित व – नकलविहीन बनाने की पूरी तैयारी की है।
इस बार 17 जिलों के संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी होगी। – एसटीएफ, एलआईयू जैसी एजेंसियां भी – सक्रिय रहेंगी। परीक्षा केंद्रों पर न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई है, – बल्कि परीक्षार्थियों के मानसिक और – शारीरिक स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इस साल पहली बार परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार की सुविधा के साथ मनोचिकित्सकों के परामर्श की भी मिलेगी। ताकि परीक्षार्थी, परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके तहत हर परीक्षा केंद्र पर स्वास्थ्य किट और प्राथमिक चिकित्सा उपकरण की व्यवस्था की गई है। हर परीक्षा केंद्र पर प्रशिक्षित मनोचिकित्सक भी उपलब्ध होंगे जो परीक्षार्थियों को तनाव, चिंता और मानसिक समस्याओं पर मार्गदर्शन करेंगे। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और 8140 केंद्रों पर एसटीएफ और एलआईयू की रहेगी निगरानी परीक्षा केंद्र पर पहली बार प्राथमिक उपचार व मनोचिकित्सक भी रहेंगे।
ये की गईं व्यवस्थाएं
■ राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी से निगरानी
■ स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है
संदिग्ध परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता
■ बिजली विभाग को परीक्षा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति
ऑनलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम से फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान
■ स्ट्रॉन्ग रूम में रखे प्रश्नपत्रों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी
■ उत्तर पुस्तिकाओं पर वाटरमार्क और क्यूआर कोड की व्यवस्था
■ परीक्षार्थियों को हर पेज पर लिखना होगा रोल नंबर
■ मुख्य व सप्लीमेंट्री उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर होगा क्रमांक
उनकी चिंताओं का समाधान हो सकेगा। छात्राओं के लिए विशेष हेल्पडेस्क की भी व्यवस्था की गई है।

