93 साल बाद भी अधूरी आस्था की राह: नाव के सहारे मां समय मंदिर पहुंचने को मजबूर श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


बरसात में जलमग्न हो जाता है संपर्क मार्ग, पक्की सड़क और पुलिया निर्माण की वर्षों पुरानी मांग अब भी अधूरी

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो


महराजगंज। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग की पकड़ी रेंज के जंगल में स्थित प्रसिद्ध मां समय (बोकड़ा मां) मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को आज भी कच्चे रास्ते और बरसात के दिनों में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वर्ष 1932 में स्थापित इस प्राचीन आस्था स्थल तक आज तक पक्का संपर्क मार्ग नहीं बन सका है, जिससे हर वर्ष बारिश के मौसम में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।


पकड़ी चौराहे से करीब 2.5 किलोमीटर अंदर स्थित मंदिर तक जाने वाला मार्ग लगातार बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गया है। ऐसे में श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे पानी पार कर मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।


स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तक ऊंची पक्की सड़क और पुलिया निर्माण की मांग वर्षों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाई जाती रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि यदि पक्का संपर्क मार्ग बना दिया जाए तो वर्षभर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।


मां समय मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और इतिहास का प्रमुख केंद्र माना जाता है। नवरात्र सहित विभिन्न धार्मिक पर्वों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बरसात में जलभराव के कारण मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इससे न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन हो जाती है, बल्कि किसी भी समय दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थायी समाधान की मांग तेज


ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर तक ऊंची पक्की सड़क और आवश्यक स्थानों पर पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लगभग एक सदी पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान अब किया जाना चाहिए, ताकि आस्था की राह हर मौसम में सुरक्षित और सुगम बन सके। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर श्रद्धालुओं को इस परेशानी से कब निजात मिलेगी।

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