सरकारी जमीन पर गिरे सात सागौन, राजस्व जांच में खुली परमिट के दुरुपयोग की परतें

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


लेखपाल की पैमाइश में सरकारी भूमि पर कटान की पुष्टि, रिपोर्ट के बावजूद वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल


हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो


महराजगंज। सोहगी बरवा वन्यजीव प्रभाग के दक्षिणी चौक वन रेंज अंतर्गत खोस्टा बीट के ग्राम पंचायत पिपरिया गुरु गोविंद नगर में सागौन के पेड़ों के कटान का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। राजस्व विभाग की पैमाइश में यह तथ्य सामने आया है कि कटान की अनुमति (परमिट) की आड़ में सरकारी भूमि पर खड़े सात सागौन के पेड़ों को भी काट दिया गया। इस खुलासे के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।


जानकारी के अनुसार वन विभाग ने सीमित संख्या में सागौन के पेड़ों के कटान की अनुमति दी थी, लेकिन आरोप है कि परमिट की सीमा से आगे बढ़कर सरकारी भूमि पर स्थित सात बहुमूल्य सागौन के पेड़ों का भी अवैध रूप से कटान कर दिया गया। शिकायत मिलने पर हल्का लेखपाल सुनील कुमार ने मौके का निरीक्षण कर राजस्व अभिलेखों के आधार पर पैमाइश की। जांच में कटे हुए सातों पेड़ सरकारी भूमि पर पाए गए।


लेखपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित रेंज अधिकारी और रेंजर को सौंपते हुए सरकारी भूमि पर हुए कटान का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने और मौके पर मौजूद काटी गई लकड़ी को तत्काल जब्त करने की भी संस्तुति की गई है। इसके बावजूद समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की ओर से न तो लकड़ी जब्त की गई और न ही किसी के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की गई।


इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब राजस्व विभाग की पैमाइश में सरकारी भूमि पर कटान की पुष्टि हो चुकी है, तब वन विभाग को बिना विलंब कार्रवाई करनी चाहिए थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बहुमूल्य सागौन के पेड़ों का अवैध कटान न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इससे सरकारी संपत्ति को भी क्षति पहुंची है।


ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कटान में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों, संबंधित ठेकेदार और अन्य दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए तथा सरकारी भूमि से काटी गई सागौन की लकड़ी को तत्काल जब्त कर राजकीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राजेंद्र निरंजन सुर्वे ने कहा कि यदि राजस्व विभाग की पैमाइश में सरकारी भूमि पर कटान की पुष्टि हुई है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर लकड़ी जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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