बृजमनगंज ब्लॉक में बीडीओ और सचिवों के बीच विवाद, अभद्रता व धमकी के आरोप

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


महराजगंज : बृजमनगंज विकास खंड कार्यालय में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और ग्राम पंचायत सचिवों के बीच हुए विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को दोनों पक्षों के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो में सचिव बीडीओ पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं।


सचिवों का आरोप है कि खंड विकास अधिकारी कृष्णकांत शुक्ला अक्सर कार्यालय में कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। उनका कहना है कि बीडीओ द्वारा बात-बात पर धमकी दी जाती है तथा नौकरी से हटाने की चेतावनी भी दी जाती है। सचिवों ने यह भी आरोप लगाया है कि अधिकारी कार्यालय में शराब के नशे में रहते हैं, जिससे कार्य वातावरण प्रभावित होता है।


आरोप लगाने वाले सचिवों में हेमंत कुमार, आनंद पांडेय, अरुण कुमार, अतुल कुमार, अशोक कुमार, सर्वजीत गुप्ता और देवव्रत सिंह शामिल हैं। सचिवों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि करीब दो माह पूर्व भी इसी प्रकार का विवाद हुआ था। उस समय भी मामले की लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी।


सचिवों के अनुसार, उन्हें अवकाश के दिन भी कार्यालय बुलाया गया, जबकि वे पंचायतों में विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों में व्यस्त थे। उनका कहना है कि लगातार हो रहे कथित दुर्व्यवहार और धमकियों के विरोध में अब सभी सचिव एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।


इस संबंध में सचिवों ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर बीडीओ को पद से हटाने की मांग की है। शिकायत पत्र में शराब के नशे में रहने, गाली-गलौज करने, धमकी देने तथा कार्यालय परिसर में अनुचित गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


वहीं, खंड विकास अधिकारी कृष्णकांत शुक्ला ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार और तथ्यहीन बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।


विवाद बढ़ने पर सहायक पंचायत अधिकारी गुलाब पाठक ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता का प्रयास किया। बाद में ब्लॉक प्रमुख भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।


फिलहाल मामला पूरे विकास खंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें उच्च अधिकारियों की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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