वित्तविहीन, संस्कृत एवं मदरसा शिक्षकों की समस्याओं को सदन में उठाने का किया दावा
महराजगंज। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संभावित विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक और शैक्षिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं जी.एस.वी.एस. इंटर कॉलेज, महराजगंज के पूर्व प्रधानाचार्य तथा प्रधानाचार्य परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष त्रियुगी नारायण त्रिपाठी ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है।
श्री त्रिपाठी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शिक्षा एवं प्रशासन के क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों के अनुभव, सामाजिक एवं राजनीतिक दायित्वों के निर्वहन तथा शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबे समय तक कार्य करने के आधार पर उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। उन्होंने शिक्षक समाज से सहयोग और आशीर्वाद की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे विधान परिषद में पहुंचकर शिक्षकों की लंबित समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विशेष रूप से वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों, संस्कृत विद्यालयों के मानदेय शिक्षकों तथा मदरसों से जुड़े शिक्षकों की समस्याओं का समाधान कराना है। उनका मानना है कि अब तक शिक्षक मतदाताओं के समर्थन से सदन तक पहुंचे कई प्रतिनिधियों ने शिक्षा जगत की मूल समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी।
त्रिपाठी ने कहा कि उनके लिए “शिक्षकहित सर्वोपरि” है। उनकी प्राथमिकताओं में वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाना, संस्कृत विद्यालयों के मानदेय शिक्षकों का विनियमीकरण, व्यावसायिक शिक्षकों को पूरे वर्ष का मानदेय उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों में व्याप्त विभिन्न विसंगतियों को दूर कराना शामिल है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षक समाज उन्हें भरपूर समर्थन प्रदान करेगा और शिक्षा जगत की आवाज को सदन तक पहुंचाने का अवसर देगा।

