आशा कार्यकर्ता की शिकायत पर सीएचसी अधीक्षक की कार्रवाई, तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) बागापार में कार्यरत एक संविदा स्टाफ नर्स पर प्रसव कराने के नाम पर ₹5,000 मांगने और राशि न मिलने तक प्रसव से इनकार करने के आरोप के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) महराजगंज के अधीक्षक ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित स्टाफ नर्स नीलम चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन कार्य दिवस के भीतर जवाब तलब किया है।
सीएचसी अधीक्षक द्वारा 23 जुलाई 2026 को जारी नोटिस के अनुसार, आशा कार्यकर्ता सिन्धू ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि 17 जुलाई को वह एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए पीएचसी बागापार लेकर पहुंचीं। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने कथित रूप से ₹5,000 की मांग की और धनराशि मिलने तक प्रसव कराने से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि लाभार्थी और आशा कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
मामले में बागापार क्षेत्र की कई आशा कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक शिकायत देकर संबंधित स्टाफ नर्स के व्यवहार पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लगातार अभद्र व्यवहार के कारण वे गर्भवती महिलाओं को पीएचसी बागापार ले जाने में असहज महसूस कर रही हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख प्रभावित हो रही है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित स्टाफ नर्स के कार्य व्यवहार को लेकर पूर्व में भी शिकायतें मिल चुकी हैं। एक अन्य स्टाफ नर्स के साथ विवाद का मामला भी सामने आया था, लेकिन इसके बावजूद कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
सीएचसी अधीक्षक ने निर्देश दिया है कि संबंधित स्टाफ नर्स तीन कार्य दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने या समय सीमा में उत्तर प्रस्तुत न करने की स्थिति में नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मामले की सूचना मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) महराजगंज एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरसीएच) को भी भेज दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

