उपभोक्ता का आरोप— न फोन आया, न जांच हुई, फिर कैसे लिख दिया ‘समस्या का समाधान’
भारत गैस एजेंसी को बचाने के लिए विभागीय मिलीभगत की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए बनाए गए जनसुनवाई पोर्टल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र में गैस सिलेंडर न मिलने की शिकायत को विभाग द्वारा निस्तारित दिखा दिए जाने का मामला सामने आया है, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि न तो उनकी समस्या का समाधान हुआ और न ही किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क किया।
मामला ग्राम पतरेंगवा निवासी शैल देवी पत्नी दीनानाथ रावत से जुड़ा है। उनके अनुसार उन्होंने 6 अप्रैल को भारत गैस एजेंसी, महराजगंज में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी। बुकिंग संख्या 755 थी। एजेंसी के रिकॉर्ड में 23 अप्रैल को सिलेंडर की डिलीवरी दर्शा दी गई, लेकिन वास्तविकता में उन्हें सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ।
पीड़िता का कहना है कि कई बार एजेंसी और गोदाम के चक्कर लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि गैस न मिलने के कारण परिवार को चूल्हे पर भोजन बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
हालांकि, शिकायत के निस्तारण में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से दर्ज रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि पूर्ति निरीक्षक द्वारा जांच की गई तथा शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने गैस सिलेंडर प्राप्त होने और शिकायत समाप्त होने की जानकारी दी। इसी आधार पर शिकायत को बंद कर दिया गया।
लेकिन शैल देवी ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि उनसे किसी भी अधिकारी ने फोन पर बात नहीं की और न ही कोई कर्मचारी जांच के लिए गांव पहुंचा। उनका सवाल है कि जब उनसे संपर्क ही नहीं किया गया तो रिपोर्ट में समस्या के समाधान की पुष्टि कैसे दर्ज कर दी गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसी को बचाने के लिए कागजों में जांच पूरी कर शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और दोषी एजेंसी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद जनसुनवाई पोर्टल की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि बिना जांच और शिकायतकर्ता से संपर्क किए ही शिकायतों को निस्तारित किया जाएगा तो आम जनता का भरोसा इस व्यवस्था से कमजोर होगा। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

