घुघली नगर पंचायत की बड़ी लापरवाही उजागर, कई दिनों से सुभाष चौक के पास नाले में पड़ा है बछड़ा
हर्षोदय टाइम्स / बिमलेश कुमार पाण्डेय
महराजगंज। प्रदेश सरकार जहां निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और देखभाल के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर गौशालाएं एवं कान्हा गौआश्रय केंद्र संचालित कर रही है, वहीं घुघली नगर पंचायत की लापरवाही ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी है।
घुघली नगर पंचायत क्षेत्र के सुभाष चौक के पास एक बछड़ा कई दिनों से नाले में गिरा पड़ा है। भूख, प्यास और गंदगी के बीच तड़प रहे इस बछड़े को बाहर निकालने या उसका उपचार कराने की अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार राहगीरों और आसपास के नागरिकों ने कई बार नगर पंचायत कर्मियों को इसकी सूचना दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में नगर पंचायत प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
नगर पंचायत क्षेत्र में कान्हा पशु गौआश्रय केंद्र संचालित है, जिसका उद्देश्य निराश्रित गोवंशों की सुरक्षा, देखभाल और उपचार सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद सड़कों और नालों में पशुओं की दुर्दशा प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब सरकार गौवंश संरक्षण पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, तो जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं क्यों दम तोड़ रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत केवल कागजों में गौसेवा दिखाकर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिलाधिकारी एवं पशुपालन विभाग से मांग की है कि बछड़े को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर उसका उपचार कराया जाए तथा इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बछड़े को बाहर नहीं निकाला गया तो उसकी जान भी जा सकती है। इस घटना के बाद नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

