दुबई में सुरक्षा अलर्ट के बीच घर लौटे पिपरिया के रजिउल्लाह, परिवार से मिलकर मिली राहत
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
परतावल/महराजगंज। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ड्रोन हमलों की आशंका के बीच दुबई में काम कर रहा महराजगंज का एक युवक दो महीने के भीतर ही भारत लौट आया। लगातार बन रहे युद्ध जैसे हालात और सुरक्षा अलर्ट से घबराकर उसने किसी तरह टिकट लेकर घर वापसी का फैसला किया। करीब 20 घंटे की लंबी और थकाऊ यात्रा के बाद वह अपने गांव पहुंच सका।
श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरिया निवासी 36 वर्षीय रजिउल्लाह छह जनवरी 2026 को रोज़गार के लिए दुबई गए थे। वहां वह एक फर्नीचर कंपनी में क्रय-विक्रय विभाग से जुड़े कामकाज देख रहे थे। इसी बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण 28 फरवरी को ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद बरदुबई इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
रजिउल्लाह ने बताया कि बरदुबई क्षेत्र दुबई एयरपोर्ट और जुमेरा स्थित फेयरमोंट होटल के आसपास का इलाका है, जहां अमेरिकी दूतावास भी स्थित है। संभावित हमले की आशंका को लेकर पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया था। रक्षा प्रणाली सक्रिय थी, लेकिन लोगों के बीच भय का माहौल साफ दिखाई दे रहा था।
हमलों की आशंका के चलते कुछ समय के लिए उड़ान सेवाएं भी रोक दी गई थीं। तीन मार्च को उड़ानें दोबारा शुरू होने पर उन्होंने तत्काल टिकट कराया, लेकिन सीधी फ्लाइट न मिलने के कारण उन्हें कई शहरों से होकर यात्रा करनी पड़ी। दुबई से केरल के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उन्होंने हैदराबाद के लिए घरेलू उड़ान ली और फिर वहां से गोरखपुर पहुंचे।
करीब 20 घंटे की लंबी यात्रा के बाद जब वह अपने गांव पहुंचे तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पत्नी अफसरी खातून, पांच वर्षीय बेटी समरा और तीन वर्षीय बेटा हिसाम उनसे लिपट गए। परिवार से मिलन का यह पल भावुक कर देने वाला रहा और घर में खुशी का माहौल छा गया।
रजिउल्लाह ने बताया कि दुबई में बड़ी संख्या में पर्यटक भी फंसे हुए थे, जिनकी व्यवस्था वहां की सरकार कर रही थी। लगातार मिल रही हमलों की खबरों के बीच लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई थी। उन्होंने कहा कि अपने घर और परिवार के बीच लौटकर अब वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।



