शिवरात्रि महापर्व पर गूंजा सती प्रसंग, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ काकेश्वरनाथ धाम

उत्तर प्रदेश महाराजगंज

हर्षोदय टाइम्स / सुनील मणि त्रिपाठी

धानी बाजार  / महराजगंज।  काकेश्वर नाथ शिव मंदिर प्रांगण में शिवरात्रि के महापर्व पर आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम से पधारे आचार्य गौरव कृष्ण शास्त्री ने ‘सती प्रसंग’ का मार्मिक वर्णन करते हुए प्रेम, अहंकार, श्रद्धा और बलिदान की अमर गाथा सुनाई। कथा श्रवण के दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।


आचार्य शास्त्री ने कहा कि सती प्रसंग केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, दांपत्य निष्ठा और अहंकार के दुष्परिणाम का सशक्त संदेश है। उन्होंने बताया कि सती, ब्रह्मा के पुत्र दक्ष की पुत्री थीं, जिन्होंने पिता की असहमति के बावजूद भगवान शिव को पति रूप में स्वीकार किया।


कथा के अनुसार दक्ष ने एक भव्य महायज्ञ का आयोजन किया, लेकिन शिव और सती को आमंत्रित नहीं किया। सती ने शिव की इच्छा के विरुद्ध पिता के यज्ञ में जाने का निर्णय लिया, जहां उनके समक्ष भगवान शिव का अपमान किया गया। पति के अपमान को सहन न कर पाने पर सती ने अपनी योगशक्ति से अग्नि प्रकट कर स्वयं को उसमें समाहित कर देह त्याग दी।


आचार्य ने श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में निर्णय सदैव मर्यादा और परस्पर सम्मान के आधार पर होने चाहिए। कथा के दौरान भाव-विभोर श्रद्धालु कई बार खड़े होकर जयकारे लगाते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।


कार्यक्रम में आयोजक अगस्त मिश्रा, करुणाकर मिश्रा, नागेंद्र उर्फ पिकलू बाबा, श्याम बिहारी चौधरी, प्रमोद शर्मा, मेढ़ई पाल, कुबेर अग्रहरि और वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत एनसीसी के छात्र भी तैनात रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *