हर्षोदय टाइम्स / बिमलेश कुमार पाण्डेय
महराजगंज जिले के घुघली टैक्सी स्टैंड पर इन दिनों अंधाधुंध अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। स्नान पर्व के अवसर पर धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे यात्रियों को बीच सड़क पर रोककर जबरन ₹30 की वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह वसूली उन यात्री वाहनों से भी की जा रही है जो रोड पर भाड़े पर संचालित होती हैं, जबकि नियमों के अनुसार टैक्सी स्टैंड शुल्क केवल स्टैंड परिसर में खड़ी वाहनों से ही लिया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित टैक्सी स्टैंड अपने निर्धारित व स्वीकृत स्थल पर संचालित ही नहीं है, बावजूद इसके दबंग किस्म के लोगों द्वारा प्रशासन की आड़ में खुलेआम वसूली की जा रही है। जो वाहन चालक या यात्री विरोध करता है, उसे धमकाया जाता है, जिससे भय के कारण लोग चुपचाप पैसा देने को मजबूर हैं।
स्नान यात्रियों का कहना
धार्मिक स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था की यात्रा को लूट का जरिया बना लिया गया है। प्रशासनिक नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद इस अवैध वसूली पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे वसूली करने वालों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
क्या यह सब स्थानीय प्रशासन की जानकारी में हो रहा है?
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब टैक्सी स्टैंड अपने नियत स्थल पर नहीं है, तो वहां से वसूली किस अधिकार से की जा रही है? क्या यह सब स्थानीय प्रशासन की जानकारी में हो रहा है या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
अब जरूरत है…
अब जरूरत है कि जिला प्रशासन और परिवहन विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए, अवैध टैक्सी स्टैंड को तत्काल हटवाए और अंधाधुंध वसूली करने वाले दबंगों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और कानून का भय स्थापित हो।


