महराजगंज में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन सवालों के घेरे में

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


नियमों की अनदेखी के आरोप, डीएम के निर्देश पर सीडीओ करेंगे जांच


महराजगंज।जनपद में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद विकल्प, वरिष्ठता और विशेष श्रेणी के प्रावधानों का पालन न होने के आरोप सामने आए हैं। इस प्रकरण तूल पकड़ने के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।


सूत्रों के अनुसार जिले में लगभग ढाई सौ शिक्षकों का समायोजन ऐसे विद्यालयों से किया गया है, जहां छात्र संख्या निर्धारित मानक से कम है। शासनादेश के तहत समायोजन से पूर्व दिव्यांग महिला व पुरुष शिक्षकों, फिर महिला शिक्षकों और उसके बाद अन्य शिक्षकों से विकल्प लेकर काउंसलिंग के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की जानी थी। आरोप है कि यह पूरी व्यवस्था दरकिनार कर दी गई और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा सीधे समायोजन आदेश जारी कर दिए गए।


बताया जा रहा है कि समायोजन की सूची सार्वजनिक करने के बजाय शिक्षकों को व्यक्तिगत पत्र सौंपे गए, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया। कुछ मामलों में बिना विकल्प लिए शिक्षकों को दुर्गम विद्यालयों में भेजे जाने का आरोप है। वहीं वरिष्ठता क्रम की अनदेखी कर जूनियर शिक्षकों का समायोजन किए जाने की शिकायत भी सामने आई है, जबकि नियमों के अनुसार पहले वरिष्ठ शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई।

जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने बीएसए से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि सभी बिंदुओं की जांच कर शासनादेश के अनुरूप समायोजन प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाएगा और यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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