हर्षोदय टाइम्स / आत्मा सिंह
घुघली (महराजगंज)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को उनके ही गांव में रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन पर रोक लगाना है। इसी मंशा को पारदर्शी बनाने के लिए एनएमएमएस ऐप के माध्यम से प्रतिदिन दो समय मजदूरों की फोटो अपलोड कर हाजिरी दर्ज करने का प्रावधान किया गया है, ताकि फर्जी मजदूरी पर अंकुश लगाया जा सके।
इसके बावजूद ग्राम पंचायत रामपुर बलडीहा में मनरेगा के नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर 2025 से गुलसफाई कार्य को एनएमएमएस ऐप पर दर्शाया जा रहा है, लेकिन मजदूरों की उपस्थिति केवल एक ही समय की फोटो के माध्यम से पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। नियमों के अनुसार सुबह और शाम दोनों समय की तस्वीरें अनिवार्य हैं, इसके बाद भी मजदूरों के खातों में भुगतान किया जाना कई सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों समय की हाजिरी दर्ज न होना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
इस मामले को लेकर जब खंड विकास अधिकारी घुघली से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि “आप लोग खबर प्रकाशित कीजिए, जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

