हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महाराजगंज जनपद के विकास खंड परतावल अंतर्गत बेलवा बुजुर्ग गांव में जलजमाव की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। मुख्य और उप-नालियों के पूरी तरह भर जाने तथा निकास व्यवस्था ठप पड़ने से गंदा पानी सड़कों से होकर घरों में प्रवेश करने लगा है। इससे डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, वहीं बच्चों और बुजुर्गों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
नहर से जुड़े निकास बंद, पूरे गांव में पानी ही पानी
ग्रामीणों के अनुसार, पहले नाली का पानी सीधे नहर में प्रवाहित होता था, लेकिन फसलों को नुकसान की आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग ने सभी निकास बिंदुओं को बंद कर दिया। विभाग का कदम सिंचाई की दृष्टि से उचित माना जा रहा है, लेकिन इसके बाद से बेलवा बुजुर्ग की गलियां छोटे-छोटे तालाबों का रूप ले चुकी हैं।
बीमारियों का बढ़ा खतरा, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप
लगातार बढ़ते जलभराव से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा नालियों की सफाई, जल निकासी या वैकल्पिक मार्ग खोलने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। चंद्र प्रकाश पटेल, राम ललित गुप्ता, नागेश्वर पटेल, गुलाम मोहम्मद, परदेशी, विशार्थी, अनुज राज और इश्तियाक खान सहित कई लोगों ने बताया कि लापरवाही की वजह से हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी , यदि राहत नहीं मिली तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तुरंत जलनिकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई, नालियों की सफाई नहीं हुई और वैकल्पिक निकास मार्ग नहीं खोले गए, तो आने वाले दिनों में वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे।
सवाल बना हुआ है , आखिर कब मिलेगा जलभराव से छुटकारा?
गांव में हर किसी के मन में यही प्रश्न है कि कब उन्हें इस गंभीर समस्या से राहत मिलेगी। ग्रामीणों की उम्मीद अब प्रशासनिक हस्तक्षेप और त्वरित कार्रवाई पर टिकी है।

