लेखपाल आकाश चंद बादल निलंबित, तीन लोग पाए गए दोषी
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। घुघली- आनंदनगर बाया महराजगंज नई रेल लाइन परियोजना के भूमि अधिग्रहण में मुआवजा बढ़ाने के नाम पर बड़े पैमाने पर हुई कथित ठगी के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नवनीत गोयल की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने तीन लोगों को दोषी मानते हुए लेखपाल आकाश चंद बादल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने इस प्रकरण को गंभीर भ्रष्टाचार की श्रेणी में रखते हुए आगे की कठोर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
मामला सदर तहसील क्षेत्र के पकड़ी नौनिया गांव से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मोहम्मद उमर खान ने 6 अक्टूबर को जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि लेखपाल आकाश चंद बादल ने दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी भूमि की मालियत बढ़ाकर अधिक मुआवजा दिलाने का झांसा दिया। इसी लालच में तीन अलग-अलग चेकों के माध्यम से कुल 42 लाख रुपये आरोपितों को सौंपे गए।
पीड़ित के अनुसार, यह धनराशि मोहम्मद जहागीर खान से 15.78 लाख, मोहम्मद आमिर खान से 10.44 लाख और स्वयं उमर खान से 15.78 लाख रुपये के चेक के रूप में ली गई, जिन्हें कथित रूप से प्रेमचंद नामक व्यक्ति के खाते में जमा कर निकाल लिया गया। जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपितों ने धमकी देते हुए पैसा देने से इंकार कर दिया।
शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एडीएम (न्यायिक) नवनीत गोयल को सौंप दी। विस्तृत जांच में आकाश चंद बादल सहित तीन लोगों की संलिप्तता पाई गई। रिपोर्ट में पाया गया कि सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली–1956 के नियम 3 एवं 11 का उल्लंघन हुआ है। इसके आधार पर जिलाधिकारी ने उ.प्र. सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली–1999 के नियम–7 के तहत आकाश चंद बादल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्पष्ट कहा कि शासन की नीति भ्रष्टाचार पर शून्य सहिष्णुता की है। भूमि अधिग्रहण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी या व्यक्ति ऐसी हरकत करने का दुस्साहस न कर सके।

