जीवित महिला को मृतक दिखाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


जिलाधिकारी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई, जिला पंचायत राज अधिकारी ने किया निलंबन , जांच अधिकारी नियुक्त

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज

महराजगंज, 1 नवम्बर 2025। तहसील दिवस के दौरान एक महिला फरियादी की गंभीर शिकायत पर जिलाधिकारी महराजगंज  संतोष कुमार शर्मा ने त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

शिकायत ग्राम पंचायत सेखुई, विकास खंड मिठौरा निवासी श्रीमती इन्द्रावती पत्नी राजधारे द्वारा दी गई थी। फरियादी ने बताया कि उन्हें वर्ष 2017 से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी, लेकिन पिछले दो-तीन किश्तों से भुगतान बंद कर दिया गया है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ग्राम पंचायत अधिकारी श्री रंगपाल चौधरी ने पेंशन सत्यापन के समय लाभार्थी को मृतक घोषित कर दिया था, जबकि वे जीवित हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी सुश्री श्रेया मिश्रा ने तत्काल जांच करवाई। जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में पुष्टि हुई कि श्रीमती इन्द्रावती पात्र लाभार्थी हैं और पूर्व में पेंशन प्राप्त कर रही थीं। जांच रिपोर्ट में सचिव रंगपाल चौधरी को शासनादेश के विपरीत कार्य करने, लाभार्थीपरक योजना में लापरवाही बरतने, तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोपों में दोषी पाया गया।

इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिलाधिकारी के आदेशानुसार श्री रंगपाल चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2, भाग-2 से 4 के नियम-53 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता अर्द्ध औसत वेतन के बराबर तथा महंगाई भत्ता देय होगा। साथ ही इस अवधि में वे किसी अन्य सेवा या व्यवसाय में संलग्न नहीं रहेंगे।

निलंबन काल में  चौधरी को सहायक विकास अधिकारी (पं०) बृजमनगंज के कार्यालय से सम्बद्ध रखा गया है। इसी अधिकारी को प्रकरण का जांच अधिकारी नामित किया गया है। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से पत्रांक 3246/पंचायत/स्था०/निलम्बन/2025-28 दिनांक 01 नवम्बर 2025 को आदेश जारी किया गया।

जिलाधिकारी  संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि “जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा आमजन को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रशासन उपलब्ध कराना है। जो भी कर्मचारी जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करेगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रकार के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु पंचायत स्तर पर सभी अभिलेखों की नियमित जांच की जाए और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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