हर्षोदय टाइम्स/गोरखपुर
गोरखपुर। शहीद अशफ़ाक उल्ला खां प्राणी उद्यान चिड़ियाघर एवं गुरुकृपा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को महान क्रांतिकारी अशफ़ाक उल्ला खां की 125वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर 125 दीप प्रज्वलित किए गए तथा लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नारे लगाए “अशफ़ाक उल्ला खां अमर रहें!”

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बृजेश राम त्रिपाठी ने कहा कि “कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे, आज़ाद ही हो लेंगे या सर ही कटा देंगे .” ये पंक्तियाँ उस अमर बलिदानी की हैं, जिसने मात्र 27 वर्ष की आयु में हँसते-हँसते फांसी के फंदे को चूम लिया। अशफ़ाक उल्ला खां ने अपने जोश और शायरी से देश के युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़ने की प्रेरणा दी।
प्राणी उद्यान के उप निदेशक एवं पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अशफ़ाक उल्ला खां को प्यार से ‘अच्चू’ कहा जाता था। वे एक कुशल उर्दू शायर थे और ‘हसरत’ उपनाम से रचनाएँ लिखते थे। वे राम प्रसाद बिस्मिल के अत्यंत घनिष्ठ मित्र थे। दोनों की मित्रता ऐसी मिसाल बनी कि लोग कहा करते थे “एक हवन करता था, दूसरा नमाज़ पढ़ता था, पर दोनों का मकसद एक ही था आज़ादी।”
कार्यक्रम में क्षेत्रीय वन अधिकारी श्याम बिहारी सिंह, डॉ. रवि यादव, वन दरोगा मार्कण्डेय गौड़, वन रक्षक नीरज सिंह सहित प्राणी उद्यान घूमने आए दर्शक भी उपस्थित रहे।
पूरे परिसर में देशभक्ति के नारों और दीपों की रौशनी से वातावरण आलोकित हो उठा।

