हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। पोषण अभियान के तहत लाभार्थियों का डाटा डिजिटल रूप से दर्ज करने के लिए सरकार ने पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए थे। हर लाभार्थी का ई-केवाईसी और FRS अनिवार्य किया गया था। चेतावनी और नोटिस मिलने के बावजूद भी कई आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने काम में गंभीरता नहीं दिखाई।
अब बाल विकास परियोजना विभाग ने इन कार्यकत्रियों की पत्रावली जिलाधिकारी को भेज दी है। अंतिम सुनवाई के बाद इनकी सेवा समाप्त करने का आदेश पारित हो सकता है। प्रशासन का कहना है कि पोषण ट्रैकर पर डाटा अपलोड बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ा हुआ है, ऐसे में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं, कार्यकत्रियों का तर्क है कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या, स्मार्टफोन की कमी और ऐप की तकनीकी दिक्कतों के चलते समय पर कार्य पूरा नहीं हो सका।
बर्खास्तगी की जद में आई कार्यकत्रियाँ फरेंदा, पनियरा, घुघली, परतावल, मिठौरा और सिसवां परियोजनाओं के साथ-साथ कई क्षेत्रीय केंद्रों से जुड़ी हुई हैं। इस कार्रवाई की खबर मिलते ही जिलेभर की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और संगठनों में हड़कंप मच गया है। अब सबकी निगाहें जिलाधिकारी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

