हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज जनपद को आज 2130 मै. टन यूरिया प्राप्त हो रहा है। नकहा जंगल रैक पॉइंट पर यारा की यूरिया की रैक से सहकारिता विभाग को 1130 मै. टन यूरिया का स्टॉक प्राप्त हो रहा है। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि प्राप्त यूरिया में से सहकारिता विभाग को 530 मै. टन यूरिया और निजी विक्रेताओं हेतु कृषि विभाग को 600 मै.टन. यूरिया प्राप्त है। इसी प्रकार देर शाम इंडोरामा 1000 मै. टन यूरिया की रैक प्राप्त हुई है। इसमें सहकारिता विभाग को 480 मै. टन यूरिया प्राप्त होगी, जबकि निजी दुकानों को 520 मै. टन यूरिया मिलेगी। इनके अलावा कृभको की 1400 मै. टन यूरिया भी सहकारिता विभाग को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्राप्त यूरिया जनपद की ऐसी सभी समितियों पर भेजा जा रहा है, जहाँ यूरिया का स्टॉक कम है। प्राप्त यूरिया को चौमुखा, भिटौली, बेलवा, ठूठीबारी, निचलौल, रुदौली, पुरन्दरपुर, सिरसिया, गजरही, कतरारी, गोपाला, पनियरा, मंगलापुर, कानापार, मिठौरा, मोहनापुर, भगाटार सहित 62 समितियों पर भेजा जा रहा है।
जनपद को 02 दिन पूर्व भी एचयूआरएल की रैक से 491 मै. टन यूरिया प्राप्त हुआ था, जिसे 27 समितियों पर भेजा गया था। जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार सभी समितियो पर लगातार पर्याप्त उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है, ताकि कृषक बंधुओ को परेशानी का सामना न करना पड़े। कृषकों से अपील है कि अग्रिम भंडारण न करें और जरूरत के अनुसार ही उर्वरक क्रय करें। साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति बनाये रखने हेतु नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का प्रयोग करें।
जनपद में कुल सहकारिता विभाग की 90 साधन सहकारी समितियां हैं। इनके अतिरिक्त इफको के 03 और पीसीएफ का 01 किसान सेवा केंद्र है, जिनके माध्यम से खाद का वितरण किया जाता है। साथ ही निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा भी खाद की बिक्री की जाती है। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समितियों और किसान सेवा केंद्रों के माध्यम से अभी तक लगभग 8000 मै.टन यूरिया की बिक्री की जा चुकी है। आज प्राप्त यूरिया को 62 समितियो को प्रेषित किया जा रहा है, ताकि किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके। शेष केंद्रों पर यूरिया उपलब्ध है। यूरिया की नवीन रैक जनपद को मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
जिलाधिकारी महोदय ने उपलब्ध यूरिया व अन्य उर्वरकों का वितरण शत–प्रतिशत पॉस मशीन के माध्यम से ही करने का निर्देश देते हुए कहा कि उर्वरक बिक्री आधार और खतौनी के सत्यापन के उपरांत रकबे के अनुसार करने के लिए कहा। उन्होंने निजी विक्रेताओं द्वारा ओवर रेटिंग की शिकायतों के संदर्भ भी नियमित स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया है।
एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देशानुसार समितियों पर टोकन प्रणाली को लागू करते हुए पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण किया जा रहा है।
