हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
सिसवा बाजार/महराजगंज- नगरपालिका सिसवा बाजार अंतर्गत वार्ड नं 10 बिस्मिल नगर (पिपरिया) निवासी सुनील विश्वकर्मा ने बताया कि कल शाम को लगभग 6:30 बजे स्टाम्प खरीदने हेतु नगरपालिका सिसवा अंतर्गत वार्ड नं 18 रानी लक्ष्मीबाई नगर (लोहेपार) निवासी स्टाम्प विक्रेता सिंहासन शर्मा जो तहसील निचलौल में स्टाम्प बेचने का कार्य करते हैं उन्होंने 100 रूपये के स्टाम्प पर 150 रूपये मांग रहे थे। क्रेता ने जब ज्यादा पैसे के विषय में बात की तो स्टाम्प विक्रेता ने बदतमीजी से बात करने लगा। विक्रेता ने अपशब्द का प्रयोग करते हुए बांह पकड़ कर घर से बाहर निकाल दिया और अपना दरवाजा बंद कर लिया। स्टाम्प विक्रेता ने कहा कि जो करना है कर लो मेरे यहां यही रेट में मिलता है।
सरकारी आदेश के अनुसार, अब स्टाम्प पेपर खरीदते समय ग्राहकों को निर्धारित दर से अधिक भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्टाम्प वेंडरों को अब पेपर की तय कीमत से अधिक वसूली करने की अनुमति नहीं है। स्टाम्प पेपर की मूल कीमत में ही अब विक्रेताओं का कमीशन शामिल कर दिया गया है, जो उन्हें सरकार द्वारा नियमित रूप से दिया जाएगा।
यदि कोई व्यक्ति 10 रुपये का स्टाम्प पेपर खरीदना चाहता है तो वह उसे ठीक 10 रुपये में ही मिलेगा। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता। यही नियम 50, 100 या अन्य किसी भी दर के स्टाम्प पेपर पर लागू होगा।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्टाम्प पेपर की कालाबाजारी को रोकना और जनता को राहत देना है। लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि आम लोगों से स्टाम्प पेपर की वास्तविक कीमत से ज्यादा वसूली की जाती थी, जिससे जनता को आर्थिक नुकसान होता था और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता था।
अब सरकार द्वारा विक्रेताओं को उनके कमीशन का भुगतान सीधे किया जाएगा, जिससे उन्हें ओवररेटेड बिक्री करने की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्टाम्प पेपर की तय कीमत से अधिक भुगतान न करें और यदि कोई विक्रेता अधिक राशि की मांग करता है तो उसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। ऐसे लोगों का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जायेगा। इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सकेगी। स्टाम्प क्रेता सुनील विश्वकर्मा पुत्र सुबाष विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर उचित कार्यवाही की मांग की है।
