बागापार सामुदायिक शौचालय कागजों में हुआ साफ,मौके पर बदबू से बेहाल

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


आईजीआरएस पर शिकायत का निस्तारण, लेकिन शौचालय के आसपास गंदगी का आरोप; शिकायतकर्ता ने मांगी दोबारा स्थलीय जांच

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो


महराजगंज। सदर विकास खंड के ग्राम पंचायत बागापार में सामुदायिक शौचालय की सफाई व्यवस्था को लेकर आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत के निस्तारण ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के बाद विभागीय रिपोर्ट में सफाई होने की बात दर्ज कर मामले को निस्तारित कर दिया गया, जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीनी स्तर पर हालात अब भी नहीं बदले हैं। शौचालय के आसपास फैली गंदगी और दुर्गंध से स्थानीय दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।


बागापार में साधन सहकारी समिति लिमिटेड के बगल स्थित सामुदायिक शौचालय लंबे समय से सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। ग्रामीण सूर्य प्रताप सिंह ने शौचालय की नियमित सफाई न होने और आसपास दुर्गंध फैलने की शिकायत आईजीआरएस के माध्यम से की थी। शिकायत के निस्तारण के दौरान जिम्मेदारों की ओर से शौचालय की सफाई कराए जाने की रिपोर्ट लगाई गई। रिपोर्ट में शौचालय की टंकी खराब होने और नई टंकी का निर्माण कराए जाने का भी उल्लेख किया गया।


हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि रिपोर्ट में समस्या का समाधान दर्शा दिया गया, लेकिन मौके की स्थिति इससे अलग है। उनका आरोप है कि शौचालय के आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। इससे पास की दुकानों पर बैठने वाले लोगों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी होती है।


हैंडपंप के सामने फैली गंदगी ने बढ़ाई चिंता


सामुदायिक शौचालय के ठीक सामने इंडिया मार्का हैंडपंप भी लगा हुआ है। ऐसे में शौचालय के आसपास स्वच्छता व्यवस्था खराब होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर बने शौचालय की नियमित सफाई और रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है।


आईजीआरएस पर निस्तारण रिपोर्ट लगाए जाने के बाद भी यदि मौके पर समस्या बरकरार है तो यह जांच का विषय है कि स्थलीय निरीक्षण के दौरान वास्तविक स्थिति का आकलन किस स्तर पर किया गया। वहीं, यह संभावना भी है कि रिपोर्ट के बाद सफाई व्यवस्था दोबारा खराब हुई हो।


शिकायतकर्ता ने मामले की दोबारा मौके पर जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत का उद्देश्य केवल ऑनलाइन पोर्टल पर निस्तारण दर्ज कराना नहीं, बल्कि सामुदायिक शौचालय की नियमित सफाई, दुर्गंध से निजात और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित कराना है।

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