नौतनवा/महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की सतर्कता से एक नाबालिग लड़की को नेपाल ले जाने का प्रयास विफल कर दिया गया। 66वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की सीमा चौकी हरदीडाली के जवानों ने गश्त के दौरान संदिग्ध अवस्था में एक युवक और नाबालिग लड़की को रोककर पूछताछ की। जांच में लड़की की उम्र 17 वर्ष पाए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सीमा चौकी हरदीडाली क्षेत्र में उपनिरीक्षक अर्जुन दास के नेतृत्व में जवान नियमित गश्त एवं चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक और लड़की को साथ आते देख जवानों ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ में लड़की ने अपना नाम लक्ष्मीना चौहान (17) निवासी ग्राम करौता, जिला महराजगंज बताया, जबकि युवक की पहचान संदीप बेलदार (19) निवासी ग्राम बेभरी, थाना भैरहवा, जिला रूपन्देही, नेपाल के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वे पिछले करीब आठ महीने से एक-दूसरे को जानते हैं और मंदिर में शादी कर चुके हैं। उनका कहना था कि वे नेपाल स्थित युवक के घर जाने के लिए सीमा पार कर रहे थे।
एसएसबी जवानों ने दोनों के पहचान और आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की। लड़की के आधार कार्ड में उसकी उम्र 17 वर्ष दर्ज मिली, जबकि युवक के पास मौजूद नेपाली नागरिकता प्रमाण-पत्र के आधार पर उसकी उम्र 19 वर्ष पाई गई। लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद एसएसबी ने तत्काल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और गैर सरकारी संगठन मानव सेवा संस्थान को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची AHTU और एनजीओ की टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवश्यक पूछताछ एवं प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद युवक और नाबालिग लड़की को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए थाना चौक, महराजगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
एसएसबी की इस कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी और नाबालिगों की अवैध आवाजाही पर निगरानी की उसकी सतर्कता एक बार फिर सामने आई है।

