गोरखपुर। रामगढ़ताल स्थित नौका विहार में रविवार रात हुए दर्दनाक बोट हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे के संबंध में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार दबिश दे रही है। उधर, जिलाधिकारी दीपक मीणा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
रविवार रात करीब 9:30 बजे नौका विहार में दो मोटर बोटों की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। हादसे के समय दोनों बोटों में कुल 15 लोग सवार थे। टक्कर के बाद एक बोट का संतुलन बिगड़ने से कई यात्री ताल में गिर पड़े। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान कुशीनगर जिले के हाटा थाना क्षेत्र के पीपरा गांव निवासी 22 वर्षीय लखमुद्दीन अंसारी की मौत हो गई, जबकि कयामुद्दीन अंसारी सहित अन्य घायलों का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार एक घायल की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
घटना की सूचना पर जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसपी सिटी निमिष पाटिल जिला अस्पताल पहुंचे तथा घायलों का हालचाल लिया। इसके बाद प्रशासन ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी। जांच में यह भी परखा जा रहा है कि नौका संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों या जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस विवेचना और प्रशासनिक जांच समानांतर रूप से जारी है। अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



