साइबर थाना व सिंदुरिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, सोशल मीडिया के जरिए किया जा रहा था अवैध कारोबार
हर्षोदय टाइम्स
महराजगंज : महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑनलाइन क्राइम्स अगेंस्ट वूमेन एंड चिल्ड्रेन” के तहत महराजगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन बाल अश्लील सामग्री के कथित अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना एवं सिंदुरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम दीपशिखा वर्मा के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान साइबर निगरानी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 10 जुलाई को सिंदुरिया थाना क्षेत्र के कसमरिया गांव स्थित अनुज पटेल के घर से चारों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपित सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अवैध रूप से बाल अश्लील सामग्री का प्रसार और उससे जुड़े कारोबार में संलिप्त थे। पूछताछ और डिजिटल जांच में यह भी पता चला कि आरोपी Telegram और X (पूर्व में ट्विटर) पर फर्जी एवं गुप्त यूजर आईडी का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो का संग्रह करते थे और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से विभिन्न लोगों को भेजते थे। अपनी पहचान छिपाने तथा नई सिम लेने के लिए फर्जी पहचान पत्रों का भी उपयोग किया जा रहा था।
इस मामले में पुलिस ने मु0अ0सं0 43/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319(2), 336(3), 338, 294, 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, 67ए, 67बी तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 15 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
बरामद सामान
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार मोबाइल फोन, एक डेस्कटॉप, एक सीपीयू, एक माउस, तीन डाटा केबल, एक इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड, एक फर्जी आधार कार्ड तथा 12 आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो के स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपित
1- आकाश शर्मा (19 वर्ष), निवासी कसमरिया, थाना सिंदुरिया
2- अरुण गौड़ (20 वर्ष), निवासी कसमरिया, थाना सिंदुरिया
3- अनुज पटेल (19 वर्ष), निवासी कसमरिया, थाना सिंदुरिया
4- दिनेश गौड़ (19 वर्ष), निवासी कसमरिया, थाना सिंदुरिया
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की बाल शोषण या अश्लील सामग्री को न देखें, न डाउनलोड करें और न ही साझा करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in� पर दें।

