नई जिला पंचायतों के गठन तक या अधिकतम छह माह तक संभालेंगे जिम्मेदारी, केवल रूटीन कार्यों की होगी अनुमति
लखनऊ, 10 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की सभी जिला पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के मद्देनजर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सामान्य पंचायत निर्वाचन-2021 के बाद गठित जिला पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में शासन ने नई जिला पंचायतों के गठन तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि के लिए निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को संबंधित जिला पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया है।
पंचायती राज अनुभाग-2 द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, 12 जुलाई 2026 से नई जिला पंचायत के गठन अथवा अधिकतम छह माह की अवधि पूरी होने तक, जो भी पहले हो, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट को प्रशासक नामित करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रशासक केवल जिला पंचायत के सामान्य एवं नियमित (रूटीन) कार्यों का ही संचालन करेंगे। उन्हें किसी प्रकार के नीतिगत निर्णय लेने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी विशेष अथवा अत्यावश्यक स्थिति में नीति संबंधी निर्णय आवश्यक होगा, तो उसका प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा 20(3-क) के प्रावधानों के तहत लिया गया है, जिसमें अपरिहार्य परिस्थितियों या लोकहित में समय से चुनाव न होने की स्थिति में प्रशासक अथवा प्रशासनिक समिति नियुक्त करने का प्रावधान है।
यह आदेश प्रमुख सचिव अनिल कुमार द्वारा जारी किया गया है।

