हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज, 4 जुलाई। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय सहकारी कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में सहकारिता विभाग की योजनाओं और “सहकार से समृद्धि” अभियान की समीक्षा करते हुए सहकारी समितियों को किसान हितैषी और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। इसमें जनपद की सभी सहकारी समितियों के सचिव, विभागीय अधिकारी और इफको के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सहकारी समितियों के सचिव ही सहकारिता आंदोलन की रीढ़ हैं। सचिव किसानों और विभाग के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि सहकारिता आंदोलन को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है तो सचिवों को पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि समितियां केवल उर्वरक वितरण तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी खेती से भी जोड़ें।
डीएम ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ जैविक विकल्प अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक समिति क्षेत्र में प्राकृतिक और जैविक खेती के प्रदर्शन प्लॉट विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि किसान नई तकनीकों के परिणाम देखकर उन्हें अपनाने के लिए प्रेरित हों।
उन्होंने इफको के नैनो उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री सहकारी समितियों के माध्यम से सुनिश्चित करने के लिए एनआरएलएम के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। डीएम ने कहा कि इससे महिला स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ेगी और किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद उपलब्ध होगी।
जिलाधिकारी ने सहकारी समितियों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन समितियों की भूमि अभी तक राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है, उनका शीघ्र अभिलेखीकरण कराया जाए। साथ ही जिन समितियों तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग नहीं हैं या सड़कें जर्जर हैं, उनके निर्माण एवं मरम्मत के प्रस्ताव तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) सुनील गुप्ता ने बताया कि 29 जून से 5 जुलाई तक “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत जनपद में सहकारिता शपथ, प्राकृतिक एवं जैविक खेती पर गोष्ठियां, महिला कृषक सदस्यता अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने अभियान की प्रगति और विभाग की आगामी कार्ययोजना की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में इफको के प्रबंधक विनोद मौर्या, सभी एडीसीओ, एडीओ तथा जनपद की सहकारी समितियों के सचिव उपस्थित रहे।


