दक्षिणी चौक वन रेंज में परमीट नंबरों के अंतर से ग्रामीणों में नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग
महराजगंज। दक्षिणी चौक वन रेंज के ग्राम पंचायत चैनपुर में सागौन के पेड़ों की कटान को लेकर नया विवाद सामने आया है। पेड़ों की कटान के लिए जारी परमीट के संबंध में अलग-अलग जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि परमीट प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका से अवैध कटान को बढ़ावा मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, एक परिवार द्वारा कराई जा रही सागौन की कटान के दौरान वन विभाग के अभिलेखों में दर्ज परमीट संख्या और लकड़ी स्वामी द्वारा बताई जा रही परमीट संख्या में अंतर पाया गया। इसी विरोधाभास ने स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दस्तावेजों की बारीकी से जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन क्षेत्र में लंबे समय से परमीट की आड़ लेकर लकड़ी कटान का खेल चलता रहा है। उनका कहना है कि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही के अभाव में वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि पेड़ों की कटान, परमीट जारी करने और लकड़ी के परिवहन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि वन संपदा की सुरक्षा सरकार और वन विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि कटान संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो पर्यावरण संरक्षण के प्रयास प्रभावित होंगे और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना कठिन हो जाएगा।
इस पूरे प्रकरण पर प्रभागीय वनाधिकारी राजेंद्र निरंजन सुर्वे ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

