महराजगंज। विकसित भारत जीरामजी योजना के सफल क्रियान्वयन एवं व्यापक जन-जागरूकता के उद्देश्य से बुधवार को जनपद की 24 ग्राम पंचायतों में जन सम्मेलनों का आयोजन कर योजना का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों, श्रमिकों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजना की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत बांसपार बैजौली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने की। इस दौरान उन्होंने योजना के उद्देश्यों, स्वरूप एवं ग्रामीण विकास में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
योजना के तहत जनपद की 227 ग्राम पंचायतों में कुल 3,636 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी ₹252 से बढ़ाकर ₹300 किए जाने का प्रावधान है। साथ ही रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने तथा पात्र श्रमिकों को नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
जन सम्मेलनों में बताया गया कि विकसित भारत जीरामजी योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण करना तथा जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करना है।
कार्यक्रमों में ग्रामीणों से विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया गया।
जनपद के विभिन्न विकास खंडों में आयोजित कार्यक्रमों में संबंधित खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, श्रमिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


