तीन किलो पुराने ज्ञापनों का तराजू लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, तेंदुअहिया भूमि विवाद पर गरजी भाकियू

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


12 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में प्रदर्शन, भूमाफियाओं पर कार्रवाई और 55 एकड़ भूमि सरकारी कब्जे में लेने की मांग

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो


महराजगंज। तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेंदुअहिया के पट्टाधारी किसानों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। वर्षों से लंबित मांगों और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में भाकियू पदाधिकारी तीन किलो से अधिक वजनी पुराने ज्ञापनों व पत्रों को तराजू में तौलकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और किसानों की पीड़ा को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया।


भाकियू नेताओं ने कहा कि तेंदुअहिया के किसानों की समस्याओं को लेकर संगठन लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। कई बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन का आरोप है कि किसानों के पक्ष में पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद मामले को लगातार टालने का प्रयास किया जा रहा है।


किसानों के अनुसार, ग्राम पंचायत तेंदुअहिया में पट्टे की भूमि से जुड़े विवाद को लेकर 11 जून से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। सोमवार को धरने का बारहवां दिन पूरा हो गया, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने समाधान की दिशा में सार्थक पहल नहीं की है। किसानों का कहना है कि जांच के नाम पर उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन दिया जाता रहा है।


जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में भाकियू ने मांग की कि किसानों की भूमि पर कब्जा करने वाले कथित भूमाफियाओं के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। संगठन ने कहा कि यदि जांच में कोई किसान दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो।


भाकियू ने पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से हुए भूमि हस्तांतरण की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच, संबंधित अभिलेखों के सत्यापन तथा पूरे प्रकरण की पड़ताल के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है। इसके अलावा ग्राम तेंदुअहिया में जोत सीमा से अधिक भूमि की जांच कर अतिरिक्त भूमि को राज्य सरकार अथवा ग्राम सभा में निहित कराने की मांग भी उठाई गई।


संगठन ने लगभग 55 एकड़ विवादित भूमि को बीएनएसएस की धारा 164 के तहत सरकारी कब्जे में लेकर उस पर प्रशासक नियुक्त करने तथा किसानों को उनके पट्टे की भूमि पर तत्काल कब्जा दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कुछ जांच अधिकारियों पर मामले को दबाने और भूमाफियाओं से सांठगांठ के आरोप भी लगाए गए हैं।


जिलाध्यक्ष राम आशीष के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता सुरेश चंद सहानी, ब्लॉक संगठन मंत्री मुराली प्रसाद धारियां, ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महेंद्र पासवान, शंभू, रामबृक्ष पासी, अधिवक्ता परशुराम यादव, सोना देवी, विलायती, सिंधु देवी, ऊषा देवी सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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