डीजल–पेट्रोल की कालाबाजारी रोकने को प्रशासन सख्त, अवैध खनन पर भी चलेगा अभियान

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


महराजगंज जिले में डीजल–पेट्रोल की खरीद और भंडारण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अवैध भंडारण और कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अब उपभोक्ता एक बार में अधिकतम 10 लीटर डीजल ही डिब्बे में खरीद सकेंगे। वहीं डिब्बे में पेट्रोल की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है। डीजल लेने वाले उपभोक्ताओं को अपने तहसील क्षेत्र के भीतर ही खरीदारी करनी होगी तथा आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य रहेगा।


प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को बार-बार तेल खरीदने वालों की पहचान के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीएम और डिप्टी कलेक्टरों के नेतृत्व में जांच टीमें गठित कर प्रवर्तन एवं सघन जांच अभियान चलाने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अवैध रूप से तेल का भंडारण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


जिला पूर्ति अधिकारी ने बैठक में बताया कि जिले में वर्तमान में 1100 किलोलीटर डीजल तथा 900 किलोलीटर पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को समय से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश भी दिए।


अवैध खनन पर प्रशासन की सख्ती


बैठक में अवैध खनन के मामलों पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को रात में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बिना नंबर वाले डंपर, लोडर और जेसीबी सहित अवैध खनन में संलिप्त सभी वाहनों को तत्काल सीज करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में किसी भी हाल में अवैध खनन स्वीकार नहीं किया जाएगा।


फॉर्मर रजिस्ट्री और वाइब्रेंट विलेज योजना पर जोर


जिलाधिकारी ने फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश देते हुए ग्राम स्तर के कर्मचारियों को फील्ड में सक्रिय रूप से कार्य करने को कहा। एसडीएम और बीडीओ को प्रभावी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


इसके अलावा वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत संबंधित विभागों को शुक्रवार तक कार्ययोजना प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम को भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने तथा स्थानीय ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने को कहा गया।


बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी सक्रियता के साथ मिशन मोड में कार्य करें और सभी योजनाओं एवं अभियानों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें।

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