आइसक्रीम में ‘मिलावट का खेल’ उजागर: महराजगंज में कई नमूने फेल, 75 हजार जुर्माना

उत्तर प्रदेश महाराजगंज


दूध वसा 1% से भी कम, मानक से बहुत नीचे गुणवत्ता; प्रशासन सख्त, जिलेभर में चलेगा अभियान


महराजगंज जनपद में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान आइसक्रीम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर होने से हड़कंप मच गया है। लक्ष्मीपुर और नौतनवां क्षेत्र की एक आइसक्रीम निर्माण इकाई से लिए गए नमूने प्रयोगशाला जांच में अधोमानक पाए गए हैं।


रिपोर्ट के अनुसार, आइसक्रीम में दूध वसा की मात्रा महज 0.96 प्रतिशत पाई गई, जबकि निर्धारित मानक न्यूनतम 10 प्रतिशत है। वहीं कुल ठोस पदार्थ भी 11.12 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो तय 36 प्रतिशत से काफी कम है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए न्यायालय ने संबंधित कारोबारी सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।


अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सूत्रों के मुताबिक, जांच में कुछ नमूनों में निम्न गुणवत्ता के व प्रतिबंधित फैट के साथ अत्यधिक कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की भी पुष्टि हुई है। इसके अलावा कई इकाइयों में साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी सामने आई है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।


प्रशासन अब सिसवा, निचलौल, फरेंदा और नौतनवा समेत प्रमुख बाजारों में औचक छापेमारी की तैयारी में है। इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में खलबली मची है। वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और केवल गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें।

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