हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता, विशेषकर किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए लागू की गई “जनता दरबार” व्यवस्था गुरुवार को जिले में सवालों के घेरे में नजर आई। विकास भवन स्थित जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में निर्धारित समय पर न तो अधिकारी मौजूद मिले और न ही बाबू अपनी कुर्सियों पर दिखाई दिए।
बताते चलें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी अधिकारी सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे के बीच अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करें। खासतौर पर किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
लेकिन गुरुवार को जब विकास भवन स्थित जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का जायजा लिया गया, तो वहां का नजारा बिल्कुल विपरीत देखने को मिला। कार्यालय में जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह समेत अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और दूर-दराज से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे किसान इधर-उधर भटकते नजर आए।
महाराजगंज विकास भवन में स्थित कृषि विभाग कार्यालय में बाबूओ की कुर्सी खाली
किसानों का कहना है कि वे खाद, बीज, सब्सिडी और अन्य कृषि योजनाओं से संबंधित समस्याओं को लेकर सुबह से ही कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। इससे उनमें भारी नाराजगी देखने को मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अधिकारियों की लापरवाही जारी रही, तो सरकार की मंशा और योजनाएं धरातल पर सफल नहीं हो पाएंगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।
इस सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे से शाम 04 बजे अनिवार्य है। संबंधित मामले पर जांच कराकर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा।

