6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, समस्याओं के समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
महराजगंज। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा शनिवार को जनपद मुख्यालय पर मासिक किसान पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम अशीष ने की। इस दौरान किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की गई और जिलाधिकारी को 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया।
पंचायत में रसोई गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने बताया कि बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही सिंचाई विभाग के रजवाहा खंड प्रथम अंतर्गत नहरों व सिंचाई नालों की साफ-सफाई न होने की समस्या भी उठाई गई। किसानों का कहना है कि नालों में गाद जमा होने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
किसान सम्मान निधि योजना में अनियमितता को लेकर भी नाराजगी जताई गई। पंचायत में बताया गया कि जनपद के कई किसानों के खातों में अब तक योजना की धनराशि नहीं पहुंची है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। किसानों ने कहा कि खराब सड़कों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है और ग्रामीण जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्राम तेनुअहिया के किसानों का मुद्दा भी पंचायत में जोर-शोर से उठा। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि आवंटित पट्टों पर अब तक कब्जा नहीं दिलाया गया है, जिससे वे अपने अधिकारों से वंचित हैं। इस संबंध में प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर कब्जा दिलाने की मांग की गई।
इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष पनियरा राजेन्द्र सिंह, ब्लॉक संगठन मंत्री पनियरा मुरारी प्रसाद धारियां, ब्लॉक अध्यक्ष फरेन्दा जगदीश सहानी सहित अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
भाकियू के जिला संरक्षक सुरेश चन्द्र सहानी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उनके आवंटित पट्टों पर जल्द कब्जा नहीं दिलाया गया, तो पनियरा क्षेत्र के तेनुअहिया में अनिश्चितकालीन किसान पंचायत शुरू की जाएगी।
जिलाध्यक्ष राम अशीष ने भी स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं की अनदेखी की गई, तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर तेनुअहिया में पुनः किसान पंचायत आयोजित करने की योजना है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
पंचायत के माध्यम से किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को तेज किया जाएगा।


