हर्षोदय टाइम्स/ बिमलेश कुमार पाण्डेय
महराजगंज। घुघली विकास खंड में मनरेगा के तहत कराए गए पक्के कार्यों के भुगतान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितता और पक्षपात के आरोपों के बीच ग्राम प्रधानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के अनुपस्थित रहने और फोन तक न उठाने से मामला और तूल पकड़ गया, जिससे प्रधानों में भारी नाराजगी देखी गई।
प्रधानों का आरोप है कि वर्ष 2022-23 तक के कार्यों का भुगतान निर्धारित समय-सारणी के अनुसार होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरोप लगाया गया कि कथित रूप से कमीशन के आधार पर 31 जनवरी, 28 जुलाई 2024 और 1 मार्च 2025 की तिथियों के कुछ कार्यों का भुगतान कर दिया गया, जबकि वर्ष 2023 के कई कार्य आज भी लंबित पड़े हैं।
इस संबंध में प्रधान सुग्रीव चौधरी, अशोक जायसवाल, रामवृक्ष, सुरेश गुप्ता, श्याम बदन यादव, राजाराम गुप्ता एवं प्रतिनिधि सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू सिंह ने कहा कि भुगतान में हो रही देरी के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सामग्री आपूर्ति करने वाले लोग लगातार अपने बकाया की मांग कर रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई गई और बकाया राशि का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

