हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। संवेदनशील बैंकिंग सेवा का उदाहरण पेश करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की विकास भवन शाखा ने दो दिवंगत ग्राहकों के परिजनों को बीमा दावों की बड़ी राशि प्रदान की। यह सहायता ऐसे समय में दी गई जब दोनों परिवार गहरे आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे थे।

गृह ऋण के साथ लिया बीमा बना संबल
शाखा से ₹1 करोड़ का गृह ऋण लेने वाले वेदप्रकाश ने ऋण स्वीकृति के समय ₹1.15 करोड़ की जीवन बीमा पॉलिसी SBI Life Insurance से ली थी। दुर्भाग्यवश, दो प्रीमियम जमा करने के बाद उनका आकस्मिक निधन हो गया।
शाखा ने तत्परता दिखाते हुए बीमा दावा प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई और ₹1.15 करोड़ की बीमित राशि उनकी पत्नी श्रीमती गिरिजा को प्रदान की जा रही है। इससे गृह ऋण पूर्ण रूप से समाप्त कर संपत्ति के मूल दस्तावेज परिवार को सौंपे जाएंगे।
वेतन खाते से जुड़ी बीमा सुविधा का लाभ
दूसरे प्रकरण में जिला कलेक्ट्रेट कर्मचारी परसू राम की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उनका वेतन खाता एसबीआई की इसी शाखा में संचालित था, जिसमें राज्य सरकार की वेतन पैकेज योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा शामिल था। दावा स्वीकृत होने पर ₹50 लाख की बीमा राशि उनकी पत्नी श्रीमती ब्रह्मावती को सौंपी जा रही है। इस राशि से उनका व्यक्तिगत ऋण भी समायोजित किया जाएगा, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
अधिकारियों ने सौंपे चेक
25 फरवरी 2026 को उप महाप्रबंधक कुमार आनंद, क्षेत्रीय प्रबंधक अभय श्रीवास्तव और शाखा प्रबंधक मयंक कपूर ने दोनों लाभार्थियों को औपचारिक रूप से चेक प्रदान किए। अधिकारियों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्था नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में भरोसेमंद सहयोगी भी है।
उप महाप्रबंधक कुमार आनंद ने कहा कि एसबीआई का उद्देश्य ग्राहकों को आर्थिक सुरक्षा देना है, जबकि क्षेत्रीय प्रबंधक अभय श्रीवास्तव ने बीमा जागरूकता और त्वरित दावा निपटान को बैंक की प्राथमिकता बताया।
यह पहल दर्शाती है कि समय पर लिया गया बीमा कवर और बैंक की सक्रिय भूमिका, अप्रत्याशित परिस्थितियों में परिवारों के लिए मजबूत आर्थिक ढाल साबित हो सकती है।


