हर्षोदय टाइम्स / आत्मा सिंह बारीगांव
घुघली/महराजगंज। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर परसौनी धाम का प्रांगण मंगलवार को एक अद्भुत आध्यात्मिक उत्सव का साक्षी बना। सदियों पुरानी परंपरा के तहत आयोजित मेले में इस वर्ष भी रामलीला का भव्य मंचन हुआ, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
रामलीला की शुरुआत परशुराम–लक्ष्मण संवाद से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह में उत्साह की नई तरंगें भर दीं। संवाद की तेजस्विता और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने मानो दर्शकों को त्रेतायुग के उसी दृश्य में पहुँचा दिया। इसके बाद प्रभु श्रीराम का शांत, सौम्य और मर्यादा से भरा हुआ व्यक्तित्व मंच पर उतरा, जिसे देख पूरा मैदान श्रद्धा से नत हो उठा।
मंचन का चरम क्षण तब आया जब श्रीराम धनुष के समीप पहुँचे। गुरु की आज्ञा लेकर जैसे ही उन्होंने प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया, उसी क्षण धनुष चटककर टूट गया। पलभर में पूरा परसौनी धाम “जय श्री राम” के गगनभेदी नारों से थर्रा उठा। वातावरण में भक्ति का ऐसा जादू घुला कि हर कोई अलौकिक आनंद में मग्न हो गया।
धनुष भंग के बाद परशुराम स्वयं को शांत करते हुए प्रभु से क्षमा याचना करते हैं और उनके दिव्य स्वरूप को प्रणाम करते हैं। तत्पश्चात पुष्पवृष्टि से पूरा क्षेत्र भगवान श्रीराम की दिव्यता में सराबोर हो गया।
यहीं से विवाह संदेश अयोध्या रवाना होता है। संदेश पाकर राजा दशरथ परसौनी धाम पहुँचते हैं और गुरुजनों व अयोध्यावासियों की उपस्थिति में राजा जनक की भूमि पर राम–सीता का शुभविवाह संपन्न होता है। “सीताराम चंद्र की जय” के नारों से मानो पूरा वातावरण भक्तिमय प्रतिध्वनि में बदल गया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अविनाश पटेल उर्फ बंटी, शिवेंद्र मद्धेशिया, रत्नेश मिश्रा, सत्यम कुमार श्रीवास्तव, आरव सिंह, श्रेयांश तिवारी, गोपी बाबू, अरविंद पटेल, मदन जायसवाल, गजेंद्र प्रजापति, शिवनाथ, राघवबिंद पटेल, मनोरंजन पटेल सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

