हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज, 17 नवंबर। जिले में पराली जलाने की लगातार हो रही घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार को व्यापक स्तर पर कार्रवाई की। पराली प्रबंधन में लापरवाही, फील्ड स्तर पर निगरानी की कमी और संवेदनहीनता पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों, कृषि विभाग के अधिकारियों, थानाध्यक्षों, ग्राम प्रधानों और लेखपालों को नोटिस, चेतावनी तथा दंडात्मक कार्रवाई की जद में लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पराली जलाना कानूनन अपराध है, और इससे पर्यावरण व जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
पराली रोकथाम की समीक्षा में अपेक्षित सुधार न मिलने पर उपनिदेशक कृषि और चारों SDM को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही कृषि विभाग के 30 एटीएम, बीटीएम व तकनीकी सहायकों को चेतावनी दी गई है और फील्ड में तत्काल सक्रिय होने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिले के 12 थानाध्यक्षों श्यामदेउरवा, घुघली, सदर, कोठीभार, भिटौली, सिंदुरिया, पनियरा, चौक, निचलौल, नौतनवा, फरेंदा और बृजमनगंज को भी नोटिस जारी किया गया है। DM ने कहा कि रोकथाम और त्वरित कार्रवाई पुलिस की जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है।
जिन ग्राम पंचायतों में पराली जलाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही थीं, वहां के ग्राम प्रधानों पर भी कार्रवाई की गई है। डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने बताया कि नेता सुरुहुआ, पिपरदेउरा, बसंतपुर राजा, बागापार, लखिमा और दुबौली के ग्राम प्रधानों को पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)(जी) के तहत नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। राजस्व विभाग में भी सख्ती दिखाई गई है। तहसील सदर में एक लेखपाल निलंबित, दो पर विभागीय कार्यवाही तथा 10 से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा निचलौल, नौतनवा और फरेंदा तहसीलों में भी लेखपालों व पंचायत सचिवों पर कार्रवाई हुई है।
जिले में आज 31 नई पराली जलाने की घटनाएं रिपोर्ट हुईं, जबकि अब तक कुल घटनाओं की संख्या 285 पहुँच चुकी है। प्रशासन ने आज 3.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, 86 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है और दो कंबाइन मशीनें सीज की गई हैं। जिलाधिकारी ने दोबारा चेतावनी देते हुए कहा कि आगे से किसी भी स्तर की लापरवाही सामने आई तो कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “पराली जलाना अपराध है, और प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।”


