महराजगंज। मिठौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में एक वर्षीय सप्लाई निविदा प्रक्रिया अब बड़े विवाद और कथित घोटाले का रूप लेती जा रही है। ग्राम पंचायत मोहनपुर में निविदा प्रक्रिया को लेकर ऐसे आरोप सामने आए हैं, जिसने पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि जिस दिन खुली बैठक और निविदा प्रक्रिया आयोजित होने की बात कही गई, उस दिन पंचायत भवन पर ताला लटका था और पूरा परिसर सुनसान पड़ा था, जबकि सरकारी फाइलों में प्रक्रिया पूरी कर नए आपूर्तिकर्ता का चयन भी दिखा दिया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत भवन में न तो कोई निविदा बॉक्स रखा गया था और न ही किसी अधिकारी की मौजूदगी दिखाई दी। इसके बावजूद कागजों में निविदा प्रक्रिया पूरी कर चयन कर लिया गया। लोगों का आरोप है कि पूरी कार्रवाई पहले से तय पटकथा के तहत कुछ खास फर्मों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से कराई गई।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब ग्राम पंचायत सचिव अमरेन्द्र राज यादव खुद निविदा की तय तिथि को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव को डायरी देखने के बाद याद आया कि उसी दिन निविदा डाली जानी थी। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता संदेह के घेरे में आ गई है।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि जिस दिन निविदा प्रक्रिया कराए जाने की बात कही जा रही है, उस दिन संबंधित कर्मचारी दूसरे कार्यों, खासकर फार्मर रजिस्ट्री में व्यस्त थे। इसके बावजूद निविदा प्रक्रिया पूरी दिखाकर आपूर्तिकर्ता चयन कर लिया गया। लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे चयन किए जाने की आशंका भी जताई है।
मामले को लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी है। समाजसेवी रामसनेही निषाद ने पूरे प्रकरण को उच्च न्यायालय तक ले जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर सरकारी धन और योजनाओं में बंदरबांट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन ने पंचायतों में पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, लेकिन मोहनपुर में नियमों को ताक पर रखकर काम किया गया। लोगों को आशंका है कि सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए फर्जी तरीके से कागजी कार्रवाई पूरी की गई।
उधर, मिठौरा खंड विकास अधिकारी ने मामले को संज्ञान में होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

