हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो अजय कुमार पाठक कुशीनगर
कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित कुशीनगर एयरपोर्ट से अब रात में भी विमानों की उड़ान शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए एयरपोर्ट की जमीन पर बने मकानों को लेकर चल रहे स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) को वापस ले लिया। इससे जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का रास्ता मिल गया है।
अतिक्रमण था बड़ी रुकावट
रात की उड़ान सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) इंस्टालेशन की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। लेकिन एयरपोर्ट की जमीन पर बने कुछ मकानों को लेकर हाईकोर्ट ने पहले स्थगन आदेश जारी कर दिया था। इस वजह से जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा था और पूरी प्रक्रिया अटकी हुई थी।
हाईकोर्ट के आदेश से खुला रास्ता
अब हाईकोर्ट ने स्टे ऑर्डर को वापस ले लिया है। इससे प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और आईएलएस इंस्टालेशन कराने में कोई बाधा नहीं रह गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि जल्द ही कब्जा हटाकर आवश्यक तकनीकी कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।
जिलाधिकारी का बयान
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि एयरपोर्ट का लाइसेंस पहले ही बीक्यूआर से लाइसेंस आईजीआरयूए में अपग्रेड हो चुका है। हमारे स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे और अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाकर शेष कार्य पूरे कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी भी लगातार विमान कंपनियों से संपर्क कर रही है ताकि जल्द ही रात की उड़ान शुरू की जा सके
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ
रात की उड़ान सुविधा शुरू होने के बाद कुशीनगर एयरपोर्ट से संचालन का दायरा बढ़ेगा। यात्रियों को अधिक उड़ान विकल्प मिलेंगे और एयरपोर्ट का महत्व भी और बढ़ जाएगा। यह कदम पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क के लिहाज से भी अहम साबित होगा।

