ग्रामीणों ने उठाए शिक्षकों की योग्यता और विद्यालयी अभिलेखों पर सवाल, बीएसए बोले , जांच के बाद होगी कार्रवाई
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। विकास खंड मिठौरा के बरवा राजा गांव में संचालित निजी विद्यालय एम.एन. एकेडमी की मान्यता और संचालन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने विद्यालय की वैधता, शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता और आवश्यक अभिलेखों को लेकर संदेह जताते हुए बेसिक शिक्षा विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में बड़ी संख्या में बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन विद्यालय को किस कक्षा तक और किस विभाग से मान्यता प्राप्त है, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। साथ ही विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संबंधी योग्यता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
बरवा राजा स्थित सड़क किनारे विद्यालय का नाम और भवन सामान्य रूप से संचालित शिक्षण संस्थान की तरह दिखाई देता है। विद्यालय तक पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग भी बना हुआ है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल भवन और बोर्ड लगा होने से किसी विद्यालय की वैधता प्रमाणित नहीं होती। उनका सवाल है कि विद्यालय प्रबंधन सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करे कि संस्था को किस स्तर तक मान्यता प्राप्त है और वहां कार्यरत शिक्षकों की आवश्यक योग्यता क्या है।
अभिभावकों का कहना है कि निजी विद्यालयों में बच्चों का प्रवेश कराते समय अभिभावकों को संस्था की मान्यता, शिक्षकों की योग्यता और उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की सही जानकारी मिलनी चाहिए। यदि किसी विद्यालय के संचालन में निर्धारित नियमों की अनदेखी हो रही है तो इसका सीधा असर वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा विभाग से विद्यालय की मान्यता संबंधी दस्तावेजों, संचालक द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों, शिक्षकों की शैक्षिक एवं प्रशिक्षण योग्यता तथा विद्यालय भवन और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थलीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विद्यालय लंबे समय से संचालित है और वहां बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ रहे हैं तो उसकी मान्यता और अन्य मानकों की नियमित जांच क्यों नहीं हुई। उन्होंने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह ने कहा कि विद्यालय के संबंध में जांच कराई जाएगी। यदि विद्यालय बिना मान्यता के संचालित पाया गया तो उसे बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी।

