हर्षोदय टाइम्स / सुनील मणि त्रिपाठी
धानी बाजार, महराजगंज। फरेन्दा–सिद्धार्थनगर हाईवे पर स्थित धानी बाजार का मुख्य चौराहा इन दिनों भारी अतिक्रमण की चपेट में है। आज बुधवार को कोचिंग जा रही 20 वर्षीय छात्रा नेहा यादव की दर्दनाक मौत के बाद एक बार फिर चौराहे की यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक चौराहे के आसपास सड़क किनारे दुकानों का फैलाव, ठेले-खोमचे और जगह-जगह किए गए अवैध कब्जों के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। इससे भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के एक साथ गुजरने में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पैदल राहगीरों के लिए भी चौराहे से गुजरना जोखिम भरा हो गया है।
लोगों का कहना है कि धानी बाजार में अतिक्रमण हटाने की मांग कई बार उठ चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं, बावजूद इसके बाजार में स्थायी यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ठोस इंतजाम नहीं हैं।
हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है और मामले में कार्रवाई की जा रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से धानी बाजार के मुख्य चौराहे से तत्काल अतिक्रमण हटाने, सड़क को व्यवस्थित कराने, भारी वाहनों की आवाजाही के लिए आवश्यक नियम लागू करने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह चौराहा किसी और बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।











