हर्षोदय टाइम्स/अर्जुन चौधरी
सिसवा बाजार/महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के मुखर्जी नगर (मंगल छपरा) निवासी एक महिला ने अपनी बेटी को बंधक बनाकर उसके साथ कथित रूप से शारीरिक शोषण किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़िता की मां मीना देवी ने न्यायालय श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट/सीजेजेडी-3, महराजगंज में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना कराने की मांग की है।
न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, मीना देवी की पुत्री प्रीति चौहान 4 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे दांत दिखाने के लिए सिसवा बाजार गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने थाना कोठीभार में गुमशुदगी की तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने जीडी संख्या 47, दिनांक 6 जुलाई 2026 के तहत गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।
आरोप है कि 12 जुलाई को प्रीति ने फोन कर अपनी मां को बताया कि गांव का ही रहने वाला सिट्ट यादव उसे किसी अज्ञात स्थान पर जबरन बंद करके रखा है। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि करीब छह माह से अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसका कथित रूप से शारीरिक शोषण किया जा रहा था। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि धमकी से भयभीत होकर उसकी बेटी ने घर से सोने के आभूषण और नकदी भी आरोपी को दे दी।
प्रार्थना पत्र में सिट्टू यादव के अलावा उसके भाई बिट्टू यादव, उसकी मां तथा दो अन्य अज्ञात लोगों पर भी कथित रूप से घटना में शामिल होने और आरोपी की मदद करने का आरोप लगाया गया है।
महिला का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उसने कोठीभार थाने में लिखित सूचना दी, लेकिन आरोप है कि कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे आरोपी पक्ष की ओर से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
महिला ने पुलिस अधीक्षक महराजगंज को भी रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से शिकायत भेजे जाने की बात न्यायालय में कही है। प्रार्थना पत्र में पीड़िता की बरामदगी, कथित अश्लील वीडियो व मोबाइल की बरामदगी तथा तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस विवेचना को आवश्यक बताया गया है।
प्रार्थिनी ने न्यायालय से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत थानाध्यक्ष कोठीभार को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना करने का आदेश दिए जाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में धारा 308, 351(3), 352, 137(2) और 64 बीएनएस का उल्लेख किया गया है।
मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस विवेचना के बाद ही हो सकेगी।

