₹80 हजार अनुदान के लिए टैग, मुहर और फाइल खर्च के नाम पर ₹6,500 मांगने की शिकायत, दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी गो-पालन योजना में अनुदान दिलाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद ने सदर के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धमेन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मामला उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से 4 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, भिटौली थाना क्षेत्र के ग्राम सिसवा राजा निवासी अनील यादव ने 1 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी पत्नी सीमा यादव के नाम पर गो-पालन योजना के तहत ₹80 हजार के अनुदान के लिए आवेदन कराने हेतु पशु चिकित्सालय महराजगंज में संपर्क किया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार आवेदन प्रक्रिया के दौरान प्रति पशु टैग लगाने के नाम पर ₹1,000, मुहर लगाने के लिए ₹500 तथा फाइल तैयार करने के नाम पर ₹5,000, कुल ₹6,500 की मांग की गई। आरोप है कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए फाइल बनाने के नाम पर किसी प्रकार का शुल्क न लेने की बात कही तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने संबंधित अधिकारी से दो दिनों के भीतर तथ्यात्मक एवं साक्ष्ययुक्त स्पष्टीकरण मांगा है। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में उत्तर प्राप्त न होने अथवा उत्तर असंतोषजनक पाए जाने पर नियमानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रकरण उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा शिकायतकर्ता अनील यादव को भी भेजी गई है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

