हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। मिठौरा विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदौर से जुड़ा एक मामला जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। शिकायतकर्ता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों और बच्चे के साथ फोटो व वीडियो बनाकर शिकायत के निस्तारण की औपचारिकता पूरी कर दी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत नदुआ के एक परिवार ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान उनके बच्चे को पोलियो की खुराक न पिलाए जाने के बावजूद घर पर अभियान संबंधी चिन्ह अंकित किए जाने की शिकायत 29 जून को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई थी।
परिजनों का कहना है कि शिकायत के संबंध में जब स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची, तब शिकायतकर्ता घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि टीम ने बिना पूरी जानकारी दिए परिवार के अन्य सदस्यों और बच्चे के साथ सेल्फी तथा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे शिकायत के निस्तारण का आधार बना लिया। इससे परिवार में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रहेगा तो जनसुनवाई व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदौर के प्रभारी डॉ. दयानंद सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में परिजनों के साथ सेल्फी या वीडियो बनाकर शिकायत का निस्तारण करना उचित प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

