महराजगंज। निचलौल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा मेघौली खुर्द में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मजदूरों की हाजिरी दर्ज करने की ऑनलाइन व्यवस्था NMMS/मस्टरोल में गंभीर अनियमितता पाए जाने से गांव में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक ही मस्टरोल की फोटो को कई अन्य मस्टरोल पर अपलोड कर कागजों में मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्शाई गई और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार 01 फरवरी 2026 को जब मस्टरोल की जांच की गई, तो एक कार्य में कुल 10 मस्टरोल पर 94 मजदूरों की हाजिरी दर्ज पाई गई। हैरानी की बात यह रही कि मस्टरोल संख्या 1271 पर अपलोड फोटो वही की वही मस्टरोल संख्या 1276 पर भी दिखाई दी। इसी तरह मस्टरोल संख्या 1272 की फोटो को 1277 पर दोहराया गया। आरोप है कि कुछ गिने-चुने मजदूरों की मौजूदगी में ही सभी मस्टरोल भर दिए गए।
इतना ही नहीं, शासन के नियमों के विपरीत सभी मस्टरोल पर एक ही समय हाजिरी अपलोड की गई, जिससे साफ संकेत मिलता है कि उपस्थिति वास्तविक नहीं बल्कि पोर्टल पर ही “तैयार” की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिन मजदूरों ने काम ही नहीं किया, उनकी भी हाजिरी दर्ज कर ली गई, जबकि वास्तविक पात्र मजदूर योजना के लाभ से वंचित रह गए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी गरीबों की जीवनरेखा कही जाने वाली योजना में इस तरह का फर्जीवाड़ा बिना स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। मामले के उजागर होते ही गांव में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। वहीं इस पूरे मामले पर जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आ सका। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस कथित फर्जीवाड़े को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।


