सिसवा ब्लॉक की मुड़ेरी ग्राम सभा में नियमों की अनदेखी, मजदूरों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

हर्षोदय टाइम्स/अर्जुन चौधरी
महराजगंज । सिसवा विकासखंड की मुड़ेरी ग्राम सभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि 15 जनवरी 2026 को कार्यस्थल पर मौजूद मात्र 40 मजदूरों की तस्वीरें अपलोड कर 189 मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर दी गई। इस गंभीर अनियमितता ने मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि उक्त तिथि को चार अलग-अलग साइडों पर कार्य चल रहा था, जहां प्रत्येक साइड पर करीब 10-10 मजदूर मौजूद थे। इन कुल 40 मजदूरों की फोटो को ही अलग-अलग तरीके से अपलोड कर मस्टर रोल में 189 मजदूरों की पूर्ण उपस्थिति दर्शा दी गई। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका गहराती जा रही है।
कागजों में भीड़, जमीन पर सन्नाटा
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में चल रहे मनरेगा कार्यों पर जितने मजदूरों की संख्या कागजों में दिखाई जाती है, वास्तविक संख्या उसकी आधी भी नहीं होती। इसके बावजूद मस्टर रोल में पूरी हाजिरी दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है।
फोटो और मस्टर रोल में बड़ा अंतर
मनरेगा के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यस्थल की उसी दिन की वास्तविक फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। लेकिन मुड़ेरी ग्राम सभा में अपलोड की गई तस्वीरों में गिने-चुने मजदूर ही नजर आते हैं, जबकि मस्टर रोल में 189 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है। यह अंतर फर्जीवाड़े की ओर स्पष्ट इशारा करता है।
गरीब मजदूरों के हक पर चोट
ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी हाजिरी के जरिए मजदूरों के नाम पर लाखों रुपये की मजदूरी निकाल ली जाती है। कई वास्तविक मजदूरों को पूरा भुगतान नहीं मिल पाता, जबकि कुछ के नाम का दुरुपयोग किया जाता है। इससे गरीब और जरूरतमंद मजदूरों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
जिम्मेदारों की भूमिका सवालों के घेरे में
इस पूरे प्रकरण में रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना मिलीभगत के इस स्तर का फर्जीवाड़ा संभव नहीं है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों के अनुसार पहले भी इस संबंध में मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक चुप्पी से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मुड़ेरी ग्राम सभा के सभी मनरेगा मस्टर रोलों की गहन जांच कराई जाए, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, वास्तविक मजदूरों को उनका पूरा मेहनताना दिलाया जाए तथा भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है या फिर मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में हो रहा यह कथित फर्जीवाड़ा फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।





