कार्यवाही नहीं होने पर पहुंच न्यायालय की शरण मे
महराजगंज। लखिमा निवासी संजय शर्मा ने अपनी बेटी नेहा और नातिन कृतिका को बहला-फुसलाकर गायब करने के आरोप में पड़ोस की दो महिलाओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज की अदालत में प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, नेहा रक्षाबंधन पर अपनी छोटी बच्ची के साथ मायके आई थी। इसी दौरान पड़ोस की उर्मिला पत्नी रविन्द्र और उसकी बेटी शीतल उससे चोरी-छिपे बातचीत करती थीं। आरोप है कि 29 अगस्त 2025 की सुबह दोनों ने ही साजिश के तहत नेहा और कृतिका को बहला-फुसलाकर घर से गायब कर दिया। देर रात तक दोनों के न लौटने पर परिजन तलाश में जुटे और पुलिस चौकी परतावल में सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि उर्मिला और शीतल ही नेहा व उसकी बच्ची को लेकर गई हैं।
संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि स्पष्ट साक्ष्य होने के बावजूद थाना श्यामदेउरवां पुलिस ने एफआईआर दर्ज न करते हुए केवल गुमशुदगी दर्ज की। उनका कहना है कि पुलिस अधीक्षक को कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित को आशंका है कि आरोपी महिलाएँ नेहा और कृतिका को किसी के माध्यम से हैदराबाद ले जाकर बेच सकती हैं।
न्यायालय में दायर प्रार्थना पत्र में थानाध्यक्ष श्यामदेउरवां को आरोपितों के विरुद्ध संज्ञेय अपराध में एफआईआर दर्ज कर विवेचना कराने का आदेश देने की मांग की गई है।

