निर्माणाधीन पोखरे में तीन मासूमों की मौत पर प्रशासन सख्त, कार्यदायी संस्था पर एफआईआर के निर्देश

उत्तर प्रदेश महाराजगंज



हर्षोदय टाइम्स / अर्जुन चौधरी

महराजगंज, 02 अगस्त। थाना कोठीभार क्षेत्र के वार्ड संख्या-25, मीराबाई नगर स्थित निर्माणाधीन पोखरे में डूबने से तीन बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने घटना को गंभीर लापरवाही का परिणाम मानते हुए निर्माण कार्य करा रही दीपक कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित करने और जनपद में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने के निर्देश भी जारी किए हैं।



रविवार को पोखरा टोला निवासी राजबीर (13 वर्ष), नीतीश यादव (14 वर्ष), रोहन (13 वर्ष) और कृष्णा रौनियार (15 वर्ष) निर्माणाधीन पोखरे में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नीतीश, रोहन और कृष्णा गहरे पानी में डूब गए, जबकि राजबीर किसी तरह बाहर निकलकर परिजनों को सूचना देने में सफल रहा।
सूचना मिलते ही थाना कोठीभार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिसवा भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी।

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हादसे में सुरक्षित बचे राजबीर से मुलाकात कर उसका हाल जाना और अस्पताल प्रशासन को उसकी काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि वह इस दर्दनाक हादसे के मानसिक आघात से उबर सके। साथ ही मृतक बच्चों का पोस्टमार्टम शीघ्र कराकर उनके पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक घर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में निर्माणाधीन पोखरे पर सुरक्षा मानकों और आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाओं की अनदेखी सामने आने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्यदायी संस्था दीपक कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में चल रहे सभी निर्माण कार्यों का परीक्षण कर सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मृतक बच्चों के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी निचलौल को पीड़ित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि विशेषकर वर्षा ऋतु में बच्चों को निर्माणाधीन या गहरे जलाशयों, पोखरों एवं अन्य जल स्रोतों के आसपास बिना निगरानी के न जाने दें। अभिभावकों से बच्चों पर विशेष नजर रखने और उन्हें ऐसे स्थानों पर स्नान या खेलने से रोकने का आग्रह किया गया है।

जिलाधिकारी ने दिवंगत बच्चों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *