हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की जांच में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। मिशन सेफ पय्यूर अभियान के तहत फरेंदा स्थित एक निजी विद्यालय की स्कूल वैन दिव्यांग चालक द्वारा संचालित पाई गई। मामले को गंभीर मानते हुए परिवहन विभाग ने स्कूल वैन को निरुद्ध कर चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही विद्यालय की मान्यता निरस्त कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पत्र भेजा गया है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मनोज सिंह के निर्देशन में हुई जांच के दौरान चालक विनोद पुत्र जयप्रकाश ने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में उसका दाहिना पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। वह बिना सहारे सामान्य रूप से चलने में असमर्थ है, इसके बावजूद प्रतिमाह नौ हजार रुपये मानदेय पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को लाने और छोड़ने का कार्य कर रहा था।
परिवहन विभाग ने इसे मोटर वाहन अधिनियम-1988 एवं केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली-1989 के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन माना है। विभाग का कहना है कि ऐसी स्थिति में चालक से स्कूल वाहन संचालित कराना बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा समझौता है।
एआरटीओ (प्रशासन) मनोज सिंह ने बताया कि स्कूल वैन को परिवहन कार्यालय में निरुद्ध कर दिया गया है तथा चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त कराने के लिए डीआईओएस और बीएसए को पत्र भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी स्कूल वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान जारी रहेगा।

