ई-पॉस पर अंगूठा लगवाकर वितरण दिखाने का आरोप, बकाया राशन मिलने तक जुलाई का खाद्यान्न लेने से किया इंकार
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। विकास खंड मिठौरा की ग्राम पंचायत दरहटा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर बुधवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी (बीपीएल) कार्डधारक पंचायत भवन पहुंच गए। ग्रामीणों ने कोटेदार पर अप्रैल, मई और जून माह का राशन न देने तथा ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर सरकारी रिकॉर्ड में वितरण दर्ज करने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना था कि तीन माह से उन्हें नियमित खाद्यान्न नहीं मिला है। कई बार राशन लेने पहुंचने पर कभी मशीन खराब होने, कभी स्टॉक समाप्त होने तो कभी अन्य कारण बताकर वापस भेज दिया गया। बाद में जानकारी मिली कि सरकारी अभिलेखों में उनके हिस्से का राशन पहले ही वितरित दर्शाया जा चुका है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोटेदार संतोष मद्धेशिया द्वारा लाभार्थियों को राशन दिए बिना ही वितरण की औपचारिकता पूरी कर ली गई। इससे गरीब परिवारों के सामने खाद्यान्न का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक तीन माह का बकाया राशन नहीं मिलेगा, तब तक वे जुलाई माह का राशन स्वीकार नहीं करेंगे।
करीब एक हजार कार्डधारकों की मौजूदगी में पंचायत भवन परिसर में काफी देर तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि ई-पॉस मशीन का रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर तथा वितरण संबंधी सभी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित कोटेदार के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान प्रधान प्रतिनिधि मनीष पासवान, विजय प्रकाश पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। महिलाओं ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि बार-बार राशन के लिए चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिला।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई और बकाया खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित नहीं हुआ, तो वे तहसील और जिला मुख्यालय पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
क्या बोले अधिकारी
खाद्य पूर्ति निरीक्षक बालेश्वर मणि त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कोटेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को उनका बकाया राशन उपलब्ध कराया जाएगा।

